फ़ाज़ैल ई सहाबा वा अहले बैत इस्लामिक ई बुक लायब्ररी मी सहाबा की जिंदगी और उनके फ़ाज़ैल करमात बयान की गये है.
हदस नववी है सहाबा मेरे सितारौं के मनिंद है याकीनन इस्लाम की रोशनी सहाबा के बगैर मिलना मम्किन नहीं.
इज लिये हम ने ऐप मे साहबा की अजमत के तरने जाएं है।
या अॅपमधील वैशिष्ट्ये:
साधा वापरकर्ता इंटरफेस
वापरण्यास सोप
झूम इन / झूम आउट
ऑटो बुकमार्क